घर से लेकर विदेशों तक रोजगार का अवसर उपलब्ध करा रही योगी सरकार

हुनर निखारने के लिए 50 हजार युवाओं को निशुल्क दे रही है वैश्विक स्तर का प्रशिक्षण । प्रशिक्षण पाने वालों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य प्रमाण पत्र । हुनर निखरने से बढ़ जाएगी श्रम की कीमत । 

लखनऊ । योगी सरकार युवाओं को विश्वस्तरीय से लेकर जिले स्तर तक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षण दिला रही है। इसके लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफार्म कोर्सेरा, यूएसए के माध्यम से प्रदेश के 50 हजार युवाओं को अन्तरराष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम निशुल्क कराया जा रहा है। इसके अलावा संकल्प योजना के तहत हर जिले में जिला कौशल विकास योजना की तैयारी है, जिसके आधार पर जिले में उपलब्ध रोजगार के अवसरों और उसके अनुरूप कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के व्यवसायों को चिह्नित करने में सहायता मिलेगी।

ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफार्म कोर्सेरा, यूएसए के माध्यम से विश्व के दो सौ से अधिक विख्यात विश्वविद्यालयों, संस्थानों और कम्पनियों की ओर से संचालित किए जा रहे 38 सौ से अधिक पाठ्यक्रमों में से अपनी रुचि के अनुसार कोर्स चयन का विकल्प दिया गया है। प्रशिक्षण के बाद सफल युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य प्रमाण पत्र भी मिलेगा। इसके अलावा विभाग की ओर से ज्यादा से ज्यादा युवाओं को प्रशिक्षण कराने के लिए नए प्रशिक्षण प्रदाताओं को अनुबन्धित करने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए जा चुके हैं, जिनमें विशेषकर उन सेक्टर्स को प्राथमिकता दी गई है, जिनमें रोजगार की सम्भावनाएं अधिक हैं और प्रशिक्षण प्रदाताओं की संख्या कम है।

हालांकि योगी सरकार ने अपने कार्यकाल में करीब साढे तीन लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। बाकी बचे कार्यकाल में भी मुख्यमंत्री इतने ही युवाओं को नौकरियां देने की घोषणा कर चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि अधिक से अधिक युवाओं को देश ही नहीं, दुनिया में उनकी रुचि या उनके कौशल के अनुसार रोजगार के अवसर उपलब्ध हों। इसके लिए कौशल विकास में युवाओं की दक्षता बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के गुणवत्ता का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके जरिए बड़ी दक्षता से उनके श्रम की कीमत कई गुना बढ़ जाएगी।

52,258 युवाओं को किया गया प्रशिक्षित

दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू-जीकेवाई) के तहत भी 1.43 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने के लक्ष्य दिए गए हैं और 302 नई संस्थाओं का चयन किया गया है। इस साल 21 सितंबर से अब तक 52,258 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है। साथ ही 19,413 युवा अभी प्रशिक्षण ले भी रहे हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा संचालित योजना के तहत गठित महिला श्रम सहायता समूहों की 16,150 महिलाओं को भी आरपीएल के तहत कौशल प्रशिक्षण दिलाकर स्वरोजगार में स्थापित कराया गया है।

414 रोजगार मेलों में 50 हजार से अधिक युवाओं को मिला रोजगार

प्रदेश में युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए 414 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है और 50 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार दिलाया गया है। इसके अलावा 943 कैरियर काउन्सिलिंग शिविरों में 52 हजार से अधिक युवाओं को रोजी-रोजगार के बारे में सलाह दी गई।

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