विकेंड लाॅकडाउनः सड़क पर सन्नाटा, बाजार बंद, चैराहे पर उदासी और ब्लाक पर सिंबल की मारामारी

भारी न पड़ जाएं गंवई चुनाव के प्रत्याशियों और चुनाव अधिकारियों के कोरोना जांच पर सरकार की चुप्पी

विजय बक्सरी…

बलियाः कोरोना से बचाव को यूपी में घोषित विकेंड लाॅकडाउन में आमजनता ने पूरा सहयोग किया और बागी जनपद की हर सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जनपद में बाजार पूरी तरह से बंद रहा, चैराहों पर खामोशी छाई रही और घर के अंदर लोगों के मन में अनजाने खौफ की उदासी भी गहरा गई किंतु कुछ स्थान ऐसे भी रहे, जहां जबरदस्त हलचल रहा। जिला मुख्यालय पर कृषि मंडी में पंचायत चुनाव कराने को लेकर मतदानकर्मियों का प्रशिक्षण जारी था। जहां मतदान अधिकारियों व कर्मचारियों की जबरदस्त भीड़ थी।

वहीं जनपद के सभी ब्लाकों व जिला मुख्यालय पर भावी प्रधान, बीडीसी, ग्रामपंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य बनने के सपने संजोएं भावी प्रत्याशियों की भीड़ भी डटी रही। जहां चुनाव अधिकारियों द्वारा चुनाव चिंह का आवंटन किया जा रहा था। सड़कें सुनसान और ब्लाक और जिला मुख्यालय पर राजनीतिक ख्वाब पूरा करने की भीड़। सरकार के ऐसे दोहरी व्यवस्था के कारण जनपद में बनी ऐसी दो तरह की तस्वीर और परिस्थिति को आमजनता का अंतर्मन स्वीकार तो नहीं कर रहा था और शासन के फैसले को मन ही मन हर कोई कटघरे में खड़ा कर रहा था। लेकिन लोकतंत्र में लोक की ऐसी विवशता एक इतिहास ही गढ़ रही है। जान बचाने के नाम पर स्कूलें बंद, मंदिर-मस्जिद बंद, तहसील, थाना और अस्पताल बंद किंतु राजनीतिक साख बनाने को पंचायत चुनाव की जबरदस्त तैयारी।

इस चुनाव में भावी प्रत्याशियों के कोरोना जांच कराने तक की कोई व्यवस्था नहीं और न ही चुनाव कराने वाले चुनाव पदाधिकारियों के जांच को लेकर कोई गाईडलाइन। लोगों को अब यह भय सताने लगा है कि सरकार की ग्रामपंचायत चुनाव में भावी प्रत्याशियों और चुनाव पदाधिकारियों के कोरोना जांच को लेकर किसी तरह की व्यवस्था नहीं किए जाने को लेकर चल रही बेपरवाही और चुप्पी कहीं भारी न पड़ जाएं। पिछले करीब 11 महीने के लाकडाउन झेल चुकी जनता और व्यापारियों के आर्थिक हालात पहले से ही हिल चुके है। अधिकांश लोग अपनी नौकरी खोकर घर बैठे है। एक तरफ कोरोना से मौत का खौफ, बीमारी का भय और दूसरी तरफ बेकारी, आर्थिक मंदी की मार। ऐसे में हर परिवार बेहाल है। बावजूद चुनाव पर सरकार का फोकस चुनाव पर ज्यादा होना हर इंसान के लिए कष्टकारी है।

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