समारोह के साथ मनाई गई उर्दू दिवस

बलिया : जनपद बलिया के बिल्थरारोड से सटे इंदिरा गांधी पीजी कालेज मर्यादपुर में सोमवार को उर्दू दिवस पर एक गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें उर्दू की संस्कृति और भारतीय सभ्यता का आकलन किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य अतिथि डाक्टर ज्याउल्लाह ने कहा कि उर्दू जुबान हिंदुस्तान की जिंदा जुबान है। 9 नवंबर को ही उर्दू के मशहूर शायर मोहम्मद इकबाल का जन्मदिन भी मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 9 नवंबर 1977 को गैर सरकारी संस्थान उर्दू डेवलपमेंट आर्गनाइजेशन ने किया था। मुख्य अतिथि ने उर्दू जुबान को दुनिया की सभी जुबानों के साथ जोड़ते हुए उसकी खूबियों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डीसीएसके पीजी कालेज मऊ के डा. इश्तेयाक अहमद थे। उन्होंने डा. इकबाल की रचनात्मक खूबियों को गिनाया। कालेज के प्रबंधक राष्ट्रकुंवर सिंह ने कहा कि उर्दू और हिंदी जबान एक दूसरे की पूरक है। जिनको एक दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता है। यह मानव सभ्यता की पहचान है। कार्यक्रम का आयोजन उर्दू डिपार्टमेंट की देखरेख में संपन्न हुआ। जिसमें मो. सुफियान अहमद, शगुफ्ता उस्मानी एवं रहमतुल्लाह आदि ने सक्रिय सहयोग किया।

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