सीयर ब्लाक में प्रमुख बनने को होगा त्रिकोणीय संघर्ष

गुपचुप पहुंच रहा गिफ्ट पैकेट, हो रहा मोलभाव

भावी प्रत्याशी प्रियंका यादव पत्नी विनय प्रकाश अंचल

बलिया :वैश्विक महामारी कोरोनाकाल के बीच त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद प्रमुख की कुर्सी पाने को बलिया जनपद के सभी 17 ब्लोको में जोड़तोड़ की राजनीतिक कसरत जारी है। इसके लिए अभी से ही धन बल का प्रदर्शन जारी है। जनपद के सीयर ब्लाक में निर्वाचित बीडीसी की त्रिकोणीय परिक्रमा जारी है। 118 बीडीसी वाले सीयर ब्लाक में तो अधिकांश निर्वाचित बीडीसी अपनी बोली स्वयं लगवा रहे है। प्रदेश में इसके निर्वाचन को लेकर भले ही अभी चुनाव की अधिकारिक घोषण नहीं हुई है किंतु सीयर ब्लाक प्रमुख बनने की इस बार की जंग में धनबल का खेल अभी से ही जारी है।

भावी प्रत्याशी आलोक सिंह

लगातार दो बार से अंचल परिवार का सीयर ब्लाक प्रमुख की सीट पर कब्जा रहा है और इस बार अंचल परिवार की बहू और निवर्तमान प्रमुख विनयप्रकाश अंचल की पत्नी प्रियंका यादव प्रमुख पद की उम्मीदवार है। जिससे अंचल परिवार की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। इधर भोजपुरी फिल्म प्रोड्यूसर और तुर्तीपार ग्रामपंचायत के पूर्व प्रधान आलोक सिंह ने भी प्रमुख पद के लिए ताल ठोंक दिया है और फिल्डिंग तेज कर दिया है। वहीं शाहपुर टिटिहा निवासी आनंद सिंह की पत्नी और स्वतंत्रता सेनानी स्व परमानंद सिंह की पुत्रवधू अर्चना सिंह ने भी इस बार सक्रिय भाजपा नेताओं के साथ अभी से ही निर्वाचित बीडीसी की घेराबंदी तेज कर दी है। इनमें कुछ स्वघोषित भावी प्रत्याशी को प्रदेश के सत्तादल की तरफ से समर्थन की पूरी उम्मीद है और पार्टी प्रत्याशी बनने को लेकर अपनी राजनीतिक पहुंच की पूरी ताकत लगाने में लगे है।

 

भावी प्रत्याशी अर्चना सिंह पत्नी आनंद सिंह

इन्हें पूरी उम्मीद है कि सत्तादल के समर्थित उम्मीदवार बनते ही क्षेत्रीय प्रशासन के हस्तक्षेप का खौफ पूरी तरह से खत्म हो जायेगा और धनबल का खेल और भी आसान हो जायेगा। इधर जनता के वोट से बने नए बीडीसी अपने इस कार्यकाल को शुरुआत में ही पूरी तरह से भुनाने में लगे है। प्रमुख बनने की हसरत लिए अपनी जमीन मजबूत करने वाले भावी प्रत्याशियों से तो कई बीडीसी अपने सपनों का महल ही तैयार करवा रहे है। जिनके भरोसे इन्हें अपने घर की छत लिंटर होने से लेकर चारपहिया वाहन तक की मांग पूरी होने की उम्मीद है। गुपचुप तरीके से क्षेत्र में लगभग अधिकांश बीडीसी का मोलभाव जारी है और भावी प्रत्याशियों द्वारा इनके बीच गिफ्ट पैक भी पहुंचने लगा है। जबकि एक ही बीडीसी के पास कई भावी प्रत्याशियों के गिफ्ट पैकेट ने बीडीसी को असमंजस में डाल लिया और एकदूसरे को राजनीतिक पटकनी देने के चक्कर में अंदर ही अंदर तनाव भी बढ़ता जा रहा है।

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