अनशनरत पूर्व मंत्री की हालत बिगड़ी, हुए अचेत

अनशनरत पूर्व मंत्री पर मुकदमा दर्ज करने पर बदला आंदोलन का रुख

बलियाः प्रशासनिक अधिकारियों के वादाखिलाफी व अपने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आमरण अनशन पर बैठे पूर्व मंत्री छट्ठू राम पर उभांव पुलिस ने बुधवार की देर शाम पूर्व मंत्री समेत 13 नामजद व 20 अज्ञात के खिलाफ कोविड-19 उलंघन, बिना अनुमति टेंट लगा आंदोलन करने व सीआरसीपी की धारा 144 के उलंघन का मुकदमा दर्ज कर दिया। जिसके कारण अनशनकारियों में जबरदस्त आक्रोश बढ़ गया। इस बीच अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्र न जारी करने से नाराज महिलाओं ने अपने पारंपरिक गोड़ऊ नृत्य प्रस्तुत किया और चूड़ि़यां लेकर एसडीएम को पहनाने तहसील कार्यालय से लेकर न्यायालय तक पहुंच गई और जमकर नारेबाजी की। पूर्व मंत्री छट्टू राम ने भी अपने आठ सूत्रीय जनहित संबंधित मांगों के समर्थन में अधिकारियों की लापरवाही की चर्चा करते हुए कहा कि गरीबों के लिए बना आवास एसडीएम के कलम से आवंटित होना है, गोड़ समाज को अनूसुचित जनजाति का प्रमाण पत्र तहसीलदार के कलम से जारी होना है किंतु अधिकारी कार्य करना ही नहीं चाहते और लोगों के अधिकारों को डंडे व मुकदमे के धमकी से दबाना चाहते है। जो लोकतंत्र की हत्या कर रहे है और वर्तमान सरकार को बदनाम भी कर रहे है।

इस दौरान सतीश चंद्र, उपेंद्र सिंह, मनोज, अनिल, कलेंद्र प्रजापति, सागर पटेल, ललन राम, संतोष, अनिल राजभर, चंद्रिका, राजेश सिंह, श्रीकांत चैहान, सुरेमन पासवान, ब्रजेश गोंड, सुग्रीव राजभर, राहुल पासवान, रामइकबाल गोंड, ताराचंद्र चैहान, रामवृक्ष राजभर व गोपाल ठाकुर अनशनरत रहे। आंदोलन में श्रीराम चैधरी, दंगल पटेल, अजीत राव, अरविंद गौतम, जयराम सिंह पटेल, देवेंद्र पटेल, सिकई यादव, गुड्डू अंसारी, अंबिका प्रसाद, स्वामीनाथ राजभर, राजेश शर्मा, धर्मेंद्र कन्नौजिया, राजेश शर्मा, लालबचन चैहान, संतलाल चैहान, पतिराम चैहान, रामचंद्र कुशवाहा, प्रेमचंद्र, राहुल कुशवाहा, विनोद श्रीवास्तव, उपेंद्र सिंह, राजेश चैरसिया आदि मौजूद मौजूद रहे।

अनशनरत पूर्व मंत्री की हालत बिगड़ी, हुए अचेत

बलियाः आमरण अनशन के तीसरे दिन गुरुवार को पूर्व मंत्री छट्टू राम की हालत बिगड़ गई और वे अचानक अर्द्धमुच्र्छा की हालत में हो गए। जिन्हें अन्य लोगों की मदद से किसी तरह संभाला गया और चेहरे पर पानी डाल होश में लाया गया। पूर्व मंत्री छट्ठू राम ने कहा कि जब तक जान है वे आंदोलन को जारी रखेंगे।

नहीं थी पुलिस की तैयारी

बलियाः अनशनरत पूर्व मंत्री व समर्थकों पर मुकदमा दर्ज करने के बाद गुरुवार को पुलिस की किसी तरह की विशेष तैयारी ही नहीं थी। जबकि सुबह से ही अनशन के समर्थन में बड़ी संख्या में महिलाएं व लोगों का जत्था आंदोलनस्थल पर पहुंचने लगा था।

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