गौ तस्करी में बलिया के दागी सिपाही की संलिप्तता पर शासन सख्त, एसपी ने आरोपी सिपाही को किया निलंबित

उभांव थाना के कई और पुलिसकर्मी पर पर गिर सकती है गाज, एसपी ने जांच की जिम्मेदारी एएसपी को सौंपी

बलियाः गौ तस्करी में बलिया पुलिस की संलिप्तता मामले के प्रकाश में आने के बाद यूपी पुलिस की हो रही जमकर किरकिरी के बाद मामले को शासन ने भी संज्ञान में ले लिया है। योगी सरकार ने मामले की पूरी रिपोर्ट भी देवरिया व बलिया पुलिस से तलब की है। जिसके बाद पुलिस प्रशासन में जबरदस्त हड़कंप मच गया है और जांच कार्रवाई की गति तेज हो गई है। गौ तस्करी जैसे गंभीर मामले में गिरफ्तार बलिया के दागी सिपाही दीपनारायण पासवान को बलिया एसपी देवेंद्र नाथ दुबे ने मामले के तीसरे दिन गुरुवार को निलंबित कर दिया और इसकी जानकारी मीडिया को भी दी। एसपी ने मामले में उभांव थाना पुलिस की संलिप्तता की जांच हेतु टीम गठित कर दी गई। एसपी ने मामले के जांच की जिम्मेदारी बलिया एएसपी को सौंपा है। जांच के तहत पुलिस द्वारा कुछ संदिग्ध पुलिसकर्मियों के मोबाइल नंबर भी सर्विलांस पर चढ़ाएं जाने और काल डिटेल्स खंगालने की भी चर्चा जोरों पर है। इसी मामले में एसपी ने पहले ही उभांव थाना के तुर्तीपार चेकपोस्ट पर तैनात बिट के अन्य पांच सिपाही दीनानाथ यादव, रामाश्रय यादव, गांधी यादव, रणजीत यादव और हरिओम साहनी को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया है। जिससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा है। मामले में उभांव थाना व मइल थाना के अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। पुलिसिया कार्रवाई फिलहाल सिपाहीस्तर तक ही चल रहा है। जिसे लेकर तरह-तरह की चर्चा व्याप्त है। बता दें कि बलिया में उभांव थाना पर तैनाती के दौरान विभिन्न आरोप में लाइनहाजिर सिपाही दीपनारायण पासवान को 16 नवंबर की सुबह भागलपुर पुल के पास देवरिया जनपद की मइल पुलिस ने गौ तस्करों के साथ गिरफ्तार किया था। जो सादे वर्दी में स्कार्पियो में दो अन्य पशु तस्करों के साथ दो ट्रक गोवंशीय मवेशी बिहार भेजने के लिए विभिन्न थाना क्षेत्र से निकलवाने हेतु पायलेटिंग कर रहा था। जिसे पुलिस ने पीछाकर पकड़ा और इनके निशानदेही पर पीछे से आ रहे दो ट्रक पर सवार करीब 53 गोवंशीय मवेशी बरामद किए और सिपाही समेत दस तस्कर को पुलिस ने संबंधित धाराओं में निरुद्धकर न्यायालय के सुपुर्द कर दिया। जबकि पकड़ा गया सिपाही दीपनारायण पासवान पूर्व में उभांव थाना पर तैनाती के दौरान भी अपने पहुंच व कारनामों के लिए चर्चित था। थाने के समीप ही ककरासो गांव में उक्त सिपाही सुविधा शुल्क के लिए एक महिला संग मारपीट करने के कारण विवाद में काफी चर्चित रहा। बाद में घटना का वीडियो वायरल होने पर लाइन हाजिर कर दिया गया था।

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