बिल्थरारोड तहसील में वर्षों से खाली है कुर्सियां, प्राइवेट मैन की बढ़ी दखल

नायब तहसीलदार की कुर्सी वर्षों से खाली, चपरासी का भी टोंटा

  • विजय बक्सरी

बलियाः जनपद के आखिरी छोर स्थित बिल्थरारोड तहसील में अधिकारियों -कर्मचारियों के कई पद वर्षों से रिक्त है। जिसके कारण यहां जैसे तैसे काम चलाया जा रहा है। तहसील में नियुक्ति के अभाव में चपरासी तक के लाले पड़े है। चतुर्थवर्ग के सात पदों के सापेक्ष यहां महज चार ही चपरासी कार्यरत है। इनमें भी एक बीमार चल रहे है, जबकि दूसरा दिसंबर माह में ही सेवानिवृति का इंतजार कर रहा है। जिसके कारण यहां महज दो ही चपरासी नियमित कार्य पर मिलते है। चपरासी के अभाव में मजबूरन बाबू स्वयं अपना हाथ-पैर चलाते है या फिर प्राइवेट हैंड पर निर्भर हो जाते है। जिसके कारण तहसील के हर कार्यालय में खुलेआम प्राइवेटकर्मी अपनी पहुंच बना चुके है। जिनसे विभागीय अधिकारियों का काम तो आसान हो जाता है किंतु इन्हीं के रास्ते तहसील में भ्रष्टाचार का जड़ गहरा हो गया है। अधिकारी भी इन्हीं के रास्ते जनता का जमकर शोषण करने में लगे है। जिसके खिलाफ अक्सर आवाज उठती रही है। नायब तहसीलदार का पद तो यहां वर्षों से खाली चल रहा है। सबसे अहम व महत्वपूर्ण पद माना जाने वाला नाजीर का कार्य भी राजस्व कर्मचारी से लिए जा रहा है। राजस्व विभाग से डब्ल्यूबीएन (वासिल वाकी नवीश) पद पर तैनात अजय कुमार यहां नाजीर व मालबाबू का कार्य देखते है। जिन्हें उक्त अतिरिक्त कार्य के लिए संबद्ध कर दिया गया है। जबकि यहां मालबाबू व नाजीर का पद रिक्त चल रहा है। नजारत में 11 पद के सापेक्ष महज तीन ही अनुसेवक तैनात है। इधर तहसीलदार के पेशकार का कार्य भी डब्ल्यूबीएन (वासिल वाकी नवीश) पद पर तैनात देवेंद्र देखते है। एसडीएम साहब के स्टेना के पद पर भी उर्दू अनुवादक द्वारा वर्षों से काम चलाया जा रहा है। अधिकारियों-कर्मचारियों के यहां ज्यादा टोंटा होने के बावजूद इसे लेकर शासन-प्रशासन संजिदा नहीं है।

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