खैरा मठ पहुंचे कुशीनगर बगही के मठाधीश्वर को पुलिस ने लौटाया

बगही मठाधीश्वर के साथ थे दर्जनों साधु संत

बलियाः बलिया जनपद के विख्यात खैरा मठ पर सोमवार को नया महंत बनाने के लिए दर्जनों साधु संतों के साथ कुशीनगर बगही कुटी के मठाधीश्वर विशंभर दास जी महाराज पहुंचे तो खैरा मठ पर मौजूद पुजारियों ने मुख्य दरवाजा बंद कर दिया। जिससे मौके पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई और साधु संतों में खलबली मच गई।

फिर ताजा हुआ खैरा मठ के स्वामित्व का मामला

सूचना मिलते ही उभांव थाना पुलिस भी पहुंच गई और बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के कार्यक्रम करने से साधु संतों को रोक दिया। सभी साधु संतों को पुलिस उभांव थाने ले गई। जहां पुलिस के साथ घंटों वार्ता के बाद सभी साधु संत वापस लौटा दिया। इधर खैरा मठ का महंत बनने के लिए एकबार फिर विवाद गहरा गया है और संतो के बीच गुटबाजी फिर से सतह पर आ गई है। मठ पर मौजूद निवर्तमान महंत के चेले भरत दास जी महाराज उर्फ मौनी बाबा ने भंडारा और पूजा के बहाने मठ पर कुछ संदिग्ध साधु संतों द्वारा कब्जा करने के प्रयास की आशंका जताई है। जबकि कुशीनगर से पहुंचे महंतों ने बताया कि महंत दिनेश त्यागी जी महाराज ने तीन दिन पूर्व ही प्रशासन से खैरा मठ पर श्रीरामजानकी जी की पूजा पाठ और भंडारा कराने की अनुमति मांगा था किंतु प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दिया। यहां महंत बनने को लेकर पहले से ही विवाद चलता रहा है।

निवर्तमान खैरा मठ महंत ब्रह्मचारी दास जी महाराज का अप्रैल महीने में हुआ निधन

निवर्तमान महंत ब्रह्मचारी दास जी महाराज का पिछले अप्रैल माह में ही लखनऊ में कोरोना से मौत हो गया था। जिसके बाद से यहां अब फिर से विवाद गहरा गया है। उभांव इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर मिश्र ने भी मठ पर महंत बनने को लेकर चल रहे विवाद के कारण सभी साधु संतों को वापस भेज दिया गया।

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