हंगामे के कारण निरस्त हुई चकबंदी हेतु खुली बैठक

बलियाः जनपद के बिल्थरारोड तहसील के चंदाडीह गांव में सोमवार को भारी हंगाके कारण चकबंदी हेतु आयोजित खुली बैठक स्थगित कर दी गई। गांव के बड़े कास्तकार यहां मनमुताबिक चकबंदी प्रक्रिया कराने हेतु अधिकारियों पर दबाव बना रहे थे। जिसके विरोध में ग्रामिणों के एक पक्ष ने जमकर विरोध किया। पुलिस प्रशासन न होने के कारण बैठक में जमकर हंगामा हुआ और कुछ बड़े कास्तकार बैठक में आए अधिकारियों से ही उलझ गए। जिसके बाद अधिकारियों ने अगली बैठक पुलिसिया संरक्षण में कराने की बात कह बैठक स्थगित कर दी। जिससे गांव में तनाव की स्थिति बनी रही। निवर्तमान प्रधान केशव प्रसाद वर्मा के निधन के कारण रिक्त पद पर प्रशासन द्वारा मनोनित ग्राम प्रधान मीना देवी की मौजूदगी में डीएम के आदेश पर चकबंदी सीओ उमाशंकर सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को बैठक शुरु की गई। बड़ी संख्या में ग्रामिणों की मौजूदगी में चकबंदी सीओ उमाशंर सिंह, चकबंदी एसीओ भागवत सिंह, चकबंदीकर्ता अखिलानंद तिवारी व चकबंदी लेखपाल रविंद्र सिंह यादव ने चकबंदी कराने हेतु चुनाव कराने की प्रक्रिया बताया। जिसके बाद चुनाव शुरु होता, इसके पहले ही कुछ बड़े कास्तकारों ने मनमुताबिक चकबंदी कराने को लेकर हंगामा शुरु कर दिया। कुछ बड़े कास्तकारों ने इसके लिए ग्रामीणों के बीच चकबंदी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाकर ज्ञापन भी अधिकारियों को सौंपा। इस बीच दूसरे पक्ष ने उक्त हस्तक्षर अभियान में अधिकांश फर्जी हस्ताक्षर होने का दावा करते हुए विरोध करने लगे। जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई और अधिकारी बैठक को निरस्तकर निकल गए। बैठक में मनोनीत ग्राम प्रधान मीना देवी, संजीव वर्मा, हरिंद्र यादव, रमाधार राजभर, मुलायम वर्मा, धर्मेंद्र वर्मा, काशी, गिरिजा राजभर, रामसूरत वर्मा, तारकेश्वर वर्मा आदि मौजूद रहे। चकबंदी का विरोध करने वाले बड़े काश्तकारों में सदानन्द मिश्र, धनंजय मणि तिवारी, सुशील मिश्र आदि शामिल रहे।

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