अब तो चेतीए सरकार! बलिया में दो जगह बीजेपी को मिली करारी शिकस्त

मंत्री, विधायक व सांसदों का प्रयास भी रहा बेअसर - उ.प्र. सहकारी ग्राम विकास बैक शाखा प्रतिनिधि चुनाव में आजमगढ़ मंडल के 14 सीटों में बलिया में ही बीजेपी को मिली चुनौती

विजय बक्सरी

बलियाः बागी धरती बलिया समेत सूबे के अधिकांश जिलों के थानों, तहसीलों पर बढ़ते भ्रष्टाचार, प्रदेश में बढ़े अपराध और बिगड़ती चिकित्सीय व्यवस्था से जनता में कितना असंतोष व गुस्सा है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण बलिया जनपद के उ.प्र. सहकारी ग्राम विकास बैकों के शाखा प्रतिनिधि के चुनाव में देखने को मिला। जनपद के चार सीटों में दो पर ही बीजेपी निर्विरोध चुनाव कराने में सफल रही। जबकि दो सीटों पर पूरी ताकत झोंकने के बावजूद बीजेपी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। उ.प्र. सहकारी ग्राम विकास बैंक के आजमगढ़ मंडल के 14 सीटों में तो बीजेपी को बड़ी सफलता मिली और जोड़तोड़ से करीब 12 सीटों पर निर्विरोध शाखा प्रतिनिधि चुने गए किंतु बलिया जनपद के चार सीटों में बीजेपी महज दो पर ही अपना दम दिखा सकी। बलिया सदर पर बीजेपी ने जहां आजमगढ़ मंडल के लिए डायरेक्टर प्रत्याशी के लिए तय चेहरा मान मुक्तेश्वर सिंह को जोड़तोड़ से निर्विरोध शाखा प्रतिनिधि बनाने में सफल रही। वहीं बांसडीह में भी कुंवर विजय सिंह के सहारे बीजेपी ने निर्विरोध चुनाव करा लिया किंतु जनपद के रसड़ा व बिल्थरारोड सीट पर बीजेपी को सफलता नहीं मिल सकी। आजमगढ़ मंडल के 14 सीटों में उक्त दो सीटों पर ही बीजेपी को चुनाव का सामना करना पड़ा और दोनों ही स्थानों पर बीजेपी को जबरदस्त हार मिली। जनपद में सूबे के दिग्गज मंत्री, सत्ताधारी विधायक से लगातयर कद्दावर सांसदों की फौज ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। बावजूद बिल्थरारोड सीट पर बीजेपी समर्थित उम्मीदवार दयानंद वर्मा को मजबूती न मिल सकी और यहां बीजेपी कार्यकर्ताओं में ही दो फाड़ हो गया। जिसके कारण अकेला महसूस करते हुए बीजेपी समर्थित उम्मीदवार दयानंद वर्मा ने मानो अपनी हार पहले ही मान ली और मतगणना में शामिल तक नहीं हुए। प्रशासन ने विडियोग्राफी के बीच मतगणना देर शाम शुरु कराया तो एकतरफा 375 वोट पाकर इंद्रप्रताप सिंह निर्दल प्रत्याशी के रुप में 232 वोट से विजयी घोषित हुए। इंद्रप्रताप सिंह यहां लगातार तीसरी बार अध्यक्ष हुए। इससे पहले भी वे दो बार निर्विरोध अध्यक्ष रह चुके थे। वहीं रसड़ा सीट पर भी भाजपा समर्थित उम्मीदवार बच्चा सिंह को हार का सामना करना पड़ा। यहां सपा समर्थित प्रत्याशी सुरेश सिंह 591 वोट से बड़ी जीत दर्ज की। सुरेश सिंह भी यहां चैथी बार अध्यक्ष चुने गए है। आजमगढ़ मंडल में कुल 14 उ.प्र. सहकारी ग्राम विकास बैंक है। जिनके वोट से मंडल स्तर पर डायरेक्टर/प्रबंध कमेटी सदस्य का चुनाव होना है। जो 22 सितंबर को होगा। जिसके बाद इन्हीं चयनित डायरेक्टर/प्रबंध कमेटी सदस्य के भरोसे बीजेपी अब उ.प्र. सहकारी ग्राम विकास बैंक के सुबे के चेयरमैन/सभापति/उपसभापति की कुर्सी पर निगाह जमाएं हुए है। जिसका चुनाव आगामी 23 सितंबर को होना है।

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