एनसीएल बेहतरीन परफॉर्मेंस के चलते उत्कृष्टता रेटिंग में सबसे ऊपर, उत्पादन, उत्पादकता, वित्तीय प्रबंधन, जैसे कई पैमानों पर खरी उतरी कंपनी

सिंगरौली। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड को एमओयू पैरामीटर में बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए एक्सेलेंट (उत्कृष्ट) रेटिंग मिली है। एनसीएल की होल्डिंग कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा इस आशय का पत्र मंगलवार को जारी किया गया। उत्पादन, उत्पादकता, वित्तीय, पूंजीगत व्यय, टर्न ओवर, कुल लाभ, निवेश प्रतिफल, अनुसंधान और विकास, मानव संसाधन जैसे कई पैमानों पर परखकर यह रेटिंग वर्ष 2018-19 के लिए दी गई है। लोक उद्यम विभाग द्वारा तय मानकों को मिलाकर एनसीएल ने 90.69 अंक प्राप्त किए व एक्सेलेंट रेटिंग हासिल करने वाली कोल इंडिया की एकलौती कंपनी बन गई है।

एनसीएल की इस उपलब्धि पर सीएमडी एनसीएल पी के सिन्हा व निदेशक मण्डल ने समस्त एनसीएल परिवार को बधाई दी व उम्मीद जताई है कि कंपनी आगे भी उत्कृष्टता हासिल करती रहेगी। एनसीएल: एक परिचय एनसीएल, सिंगरौली स्थित भारत सरकार की एक मिनिरत्न कंपनी है जो निर्वाध कोयला आपूर्ति कर देश की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। एनसीएल अत्याधुनिक भारी मशीनों के द्वारा अपनी 10 खुली खदानों से 100 मिलियन टन से अधिक कोयला उत्पादन कर रही है।

एनसीएल के पास अधिभार हटाव के लिए सबसे बड़े ड्रैगलाइन मशीनों का बेड़ा है। एनसीएल गुणवत्तापूर्वक कोयला प्रेषण करने के लिए उच्च क्षमता के क्रशर व कोल हैंडलिंग प्लांट सीएचपी का प्रयोग कर रही है एवं आने वाले समय में बढ़ते लक्ष्यों के अनूरूप 50 मिलियन टन से अधिक क्षमता के नए सीएचपी के निर्माण की योजना पर कार्य कर रही है। एनसीएल बिजली घरों को कोयला प्रेषण करने के लिए (मेरी- गो-राउंड) एमजीआर का उपयोग करती है साथ ही कोल इंडिया की एकलौती कंपनी है जो बेल्ट पाइप कंवेयर जैसे पर्यावरण फ्रेंडली तरीकों का उपयोग करती है।

2019-20 में भी एनसीएल ने अपने सभी लक्ष्य पूरे किए हैं साथ ही आगे भी कंपनी उत्पादन व उत्पादकता के साथ कई नए लक्ष्यों को लेकर चल रही है। एनसीएल 2019-20 में देश की सबसे ज्यादा मिश्रित (कोयला+अधिभार) उत्पादन करने वाली कंपनी बन गई है।गौरतलब है कि एनसीएल 2020-21 में 113.25 मिलियन टन कोयला उत्पादन व प्रेषण का लक्ष्य लेकर चल रही है एवं कोविड 19 जनित आपदा की स्थिति में भी सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए तय लक्ष्यों को प्राप्त करने में लगी हुई है । साथ ही, कंपनी 50 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट पर कार्य कर रही है व देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिल कर अनुसंधान और विकास को नई दिशा दे रही है।

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