नवानगर ब्लाक प्रमुख पद हुआ सामान्य बढ़ी हलचल

सिकंदरपुर (बलिया) : ब्लॉक प्रमुख की आरक्षण सूची जारी होने के बाद प्रमुख पद के दावेदारों की बेचैनी बढ़ने के साथ ही गुणा गणित कर अपनी सेटिंग करने वाले धुरंधरों नए आरक्षण की सूची जारी होने के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई है । प्रदेश सरकार द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए आरक्षण की सूची में ब्लाक प्रमुख के चुनाव हेतु नवानगर ब्लॉक प्रमुख के पद के अनारक्षित होने की सूचना के बाद से ही ब्लाक प्रमुख के चुनाव लड़ने वाले दावेदारों ने अब क्षेत्र पंचायत सदस्य होने के लिए सुरक्षित जगह तलाशना शुरू कर दिया है। ज्ञात हो कि नवानगर विकास खंड के 50 गांव में 79 क्षेत्र पंचायत सदस्य का चयन होना है और इन्हीं क्षेत्र पंचायत सदस्यों में से किसी एक व्यक्ति को क्षेत्र पंचायतों द्वारा ब्लॉक प्रमुख पद हेतु चुनाव करना है । परिसीमन के बाद अब कुल 79 क्षेत्र पंचायत के सदस्य का चुनाव किया जाना है ।

वर्ष 1995 में आए आरक्षण के बाद पहली बार स्थानीय ब्लाक प्रमुख का पद पिछड़ी महिला के लिए आरक्षित किया गया । उसके बाद वर्ष 2000 में अनुसूचित जाति, 2005 में महिला ,2010 व 2015 में सामान्य रहा है। वर्ष 2015 के ब्लाक प्रमुख के चुनाव में नेता प्रतिपक्ष के छोटे भाई रामबचन यादव की पत्नी सुधा यादव का निर्विरोध निर्वाचन ब्लाक प्रमुख के पद पर हुआ था लेकिन इस बार सामान्य सीट होने के बाद प्रमुख पद के धुरंधरों ने इस जीत को अपने पाले में करने के लिए अभी से गुणा गणित करना शुरू कर दिए हैं । ब्लॉक प्रमुख पद के आरक्षण के बाद जिला पंचायत वह प्रधान पद के प्रत्याशियों की भी धड़कनें बढ़ गई हैं कि उनके गांव को किस श्रेणी हेतु आरक्षित किया जाएगा । 2 मार्च को जारी होने वाली सूची में ही प्रधान पद हेतु आरक्षण की सूची कन्फर्म हो पाएगी।

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