बाढ़ झेल रही बिल्थरारोड की अधिकांश आबादी, शासन-प्रशासन कर रहे मौजः गोरख

बलियाः सपा के वरिष्ठ नेता व बिल्थरारोड के पूर्व विधायक गोरख पासवान ने मंगलवार को कहा कि सरयू किनारे बसे बिल्थरारोड तहसील की अधिकांश आबादी बाढ़ का दंश झेल रही है। हजारों की आबादी का कई गांव जलमग्न है। सैकड़ों लोगों के घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। दर्जनों घर गिर गए है। दर्जनों संपर्क मार्ग पूरी तरह से बाढ़ से कट गए है और डूब गया है। जबकि शासन-प्रशासन के लोग मौज करने में मशगुल है। क्षेत्रीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि समेत सरकार का जनता के दर्द से मानो कोई सरोकार ही नहीं रह गया है। पानी से घिरे हजारों की आबादी के बीच शौचालय की समस्या सबसे ज्यादा विकट है। पेयजल का संकट है। खाने को वांदे है। रोजगार ठप है और क्षेत्रीय अधिकारी फीलगुड करने में लगे है। यहां न तो शासन-प्रशासन द्वारा नाव की व्यवस्था की गई और न ही संक्रमण से बचाव को कीटनाशक दवाओं का छिड़काव ही हो रहा है। लोग जानवरों से भी बदत्तर जिंदगी जीने को विवश है। पूर्व विधायक गोरख पासवान ने मंगलवार को बिल्थरारोड क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित बहाटपुर शाहपुर अफगां व खेतहरी में नाव से पहुंचे और बच्चों के बीच बिस्किट व अन्य राशन सामग्री वितरित किया। लोगों की समस्याओं को देखने के बाद श्री पासवान ने वर्तमान सरकार व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों पर भी जमकर बरसे। कहा कि क्षेत्र के अधिकारी अपनी नौकरी बचाने के लिए झूठ बोल रहे है और उच्चाधिकारियों को गलत रिपोर्ट दे रहे है। बिल्थरारोड तहसील का अधिकांश हिस्सा बाढ़ व जलजमाव से बाढ़ग्रस्त है और अधिकारी क्षेत्र में घुमने के बजाएं, लोगों तक सहायता पहुंचाने के बदले गलत बयानबाजी कर रहे है। वहीं क्षेत्रीय विधायक व मंत्री भी आंकड़ेबाजी का खेल खेल रहे है। कहा कि जनता के लिए जनता से बनी सरकार को अपनी जिम्मेदारी से कतई मुंह नहीं मोड़ना चाहिए। वहीं प्रशासनिक अमला को भी जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी व जवाबदेहीपूर्ण दायित्वों को निभाना चाहिए। कहा कि प्रदेश में अगली सरकार सपा की बननी तय है। ऐसे में अगर उन्हें क्षेत्र के विकास की जिम्मेदारी मिली तो विकास की पहली नींव बाढ़ ग्रस्त इलाका बहाटपुर से ही कार्य शुरु होगा। इस दौरान पूर्व विधायक ने बाढ़ग्रस्त कई इलाकों में सैकड़ों युवाओं व बच्चों के बीच बिस्किट, चाकलेट व राशन आदि वितरित किया। इस दौरान सपा नेता रामलखन पासवान, सुरेंद्र पासवान, शिवदयाल बिंद आदि मौजूद रहे।

24 घंटे में एक सेंटीमीटर बढ़ी सरयू, खतरा निशान से 1.09 मी. ऊपर

सरयू के जलस्तर में जारी बढ़ाव की रफ्तार अब धीमा हो गया है। मंगलवार को नदी पिछले 24 घंटे में महज एक सेंटीमीटर बढ़ा। जिसके कारण नदी अब खतरा निशान से 1.09 मीटर ऊपर पहुंच गया। हालांकि नदी के जलस्तर में फिलहाल ठहराव दर्ज किया गया है। जिससे विभागीय अमला ने कुछ हद तक राहत महसूस किया किंतु नदी में बढाव अभी और होने की संभावना ज्यादा बनी हुई है। केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों के अनुसार तुर्तीपार डीएसपी हेड पर नदी का जलस्तर मंगलवार दोपहर 3 बजे तक 65.110 मी. दर्ज किया गया। जो खतरा निशान 64.01 मीटर से 1.09 मीटर ऊपर है।

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