जी-20 में एक-दूसरे के साथ मिलकर मजबूती के साथ काम करेंगे भारत और इटली

नई दिल्ली : भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इटली के प्रधानमंत्री प्रोफेसर ग्यूसेप कोंटे के बीच एक वर्चुअल द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने प्रोफेसर ग्यूसेप कोंटे की 2018 में भारत यात्रा को याद करते हुए, भारत और इटली के बीच मजबूत होते रिश्तों के बारे में बात की। इटली के प्रधानमंत्री प्रोफेसर ग्यूसेप कोंटे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इटली आने (कोविड-19 महामारी के दौर में परिस्थितियां जब अनुकूल हो जाएं) का भी न्यौता दिया। शिखर सम्मेलन के जरिए दोनों देशों के प्रमुखों को द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा कर आगे की रूपरेखा बनाने का भी मौका मिला। दोनों प्रमुखों ने द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने और उसे अधिक प्रगाढ़ करने की भी बात कही है।

इसके अलावा विश्व स्तर पर उत्पन्न हो रही चुनौतियों में एक-दूसरे के साथ मजबूती से खड़े होने की भी बात दोनों प्रमुखों ने की है। इस मौके पर दोनों प्रमुखों के बीच कोविड-19 महामारी की चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक, आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी, अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई है। दोनों पक्ष इस बात पर भी सहमत हुए है कि वह जी-20 में भी एक-दूसरे के साथ मिलकर मजबूती के साथ काम करेंगे। इटली को दिसंबर 2021 में जी-20 देशों की अध्यक्षता मिलेगी। जबकि 2022 में भारत जी-20 की अध्यक्षता करेगा। इसके अलावा भारत और इटली दिसंबर 2020 से जी-20 की ट्रोआइका (तिकड़ी) में भी शामिल हो जाएंगे। साथ ही अंतरराष्ट्रीय सोलर अलायंस (आईएसए) में जरूरी प्रक्रियाओं के पूरी होने के बाद इटली के शामिल होने के फैसले का भी भारत ने स्वागत किया है। दोनों देशों ने इस मौके पर ऊर्जा, मत्स्य, जहाज निर्माण, डिजाइन आदि क्षेत्रों में 15 आपसी सहमति पत्र और समझौते किए।

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