दाल व सब्जियों के बढे़ मूल्य ने गरीबों के साथ ही मध्यम वर्ग की रीढ़ भी तोड़ा

बिल्थरारोड / बलिया। कोविड-19 के इस दौर में जहां लोगों के समक्ष रोजी रोजगार का संकट बढ़ गया है वही दिन प्रतिदिन बढ़ते सब्जियों के दाम ने जले पर नमक का काम किया है। दाल- रोटी खाओ प्रभु के गुण गाओ का भजन भी आज के दौर में बेमानी सी हो गई है। ₹90 की बिकने वाली दाल जहां 130 तक पहुंच गई है वहीं सब्जियों के दाम आसमान चूम रहे हैं। इसके चलते गरीबों के साथ ही मध्यम वर्ग के भी थाली से दाल व सब्जी दूर हो चले हैं। बाजार में जहां का सब्जियों का राजा आलू ₹35 में बिक रहा है वहीं हरी सब्जियों का कहना ही क्या? जिस सब्जी को लोग बहुत पसंद से नहीं खाते वह भी आजकल 50 से कम नहीं है। नगर में इस समय आलू जहां ₹35 बिक रहा है वही बैगन 50, लौकी 40, करेली 60, फूल गोभी 100, भिंडी 50, पत्ता गोभी 60, प्याज 45, मिर्चा 120, पपीता 40, परवल 80, बोडो़ ₹70, कोहड़ा ₹30 तथा चौराई का साग भी ₹30 किलो है। वर्तमान में कोरोना संक्रमण से बचने के लिए काढ़ा बनाने में प्रयोग आ रही अदरक भी ₹120 तक पहुंच आसमान छू रही है। एक तरफ लोग दिन प्रतिदिन अपनी गिरती आर्थिक स्थिति से परेशान हैं वहीं सब्जियों और दालों के बढे़ मूल्य ने उन्हें कहीं का नहीं छोड़ा है। सब्जी दुकानदार आबिद अली ने बताया कि ग्राहक आते हैं और सब्जियों को दाम पूछ कर के आगे बढ़े चले जाते हैं और जाते-जाते यह कहते हैं इससे अच्छा तो रोजाना सोयाबीन सस्ता रहेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button