बिल्थरारोड तहसील में एसडीएम ने भांजी लाठी, दबंगई की

सड़क पर बाइक सवार महिलाओं, दुकानदारों व मुअक्किलों तक एसडीएम ने दौड़ाकर पीटा

बलियाः यूपी में योगी सरकार में जहां पुलिस ठोंका नीति के तहत अपराधियों में खौफ बनाने का दावा कर रही है, वहीं अधिकारी पब्लिक पर बेवजह लठियां बरसा रहे है। बलिया जनपद के बिल्थरारोड के एसडीएम अशोक चैधरी ने गुरुवार की दोपहर तहसील पर जमकर दबगंई दिखाई। देश के लोकतांत्रिक व्यवस्था में जहां हर अधिकारी जनता के प्रति उत्तरदायी है, क्षेत्र के विधायक व सांसद भी सत्ताधारी दल के ही बावजूद यहां की जनता को अधिकारी ने जमकर बेवजह लठिआया। जानलेवा बीमारी कोरोना से बचाव हेतु मास्क के प्रयोग को लेकर जागरुकता लाने एवं लापरवाही पर कार्रवाई के नाम पर शासन-प्रशासन जहां जागरुकता अभियान चलाती है। वहीं बिल्थरारोड में एसडीएम एवं होमगार्डों के दबंगईपूर्ण रवैये से क्षेत्र में दहशत सा माहौल हो गया है। अधिकारियों से मदद मांगने पहुंचे तहसील में बेवजह लोगों को लाठियां खाने को मिल, यह बिल्थरारोड का पहला मामला है। हालांकि इससे पूर्व लाकडाउन के दौरान तहसीलदार जितेंद्र कुमार सिंह की दबंग कार्यशैली भी खुब चर्चा में रही है। जिस क्षेत्र के सांसद विधायक सत्ताधारी पार्टी भाजपा के हो, वहां के एसडीएम अशोक चैधरी ने तहसील में फरियाद को पहुंचे लोगों पर जमकर लाठियां बरसाई और तैनात होमगार्डों से भी लाठी भंजवाया। जिससे तहसील परिसर में भगदड़ सी मच गई। मास्क लगाएं लोगों पर लाठी तो बरसा ही, बाइक सवार महिलाओं पर प्रशासन ने जमकर लाठी भांजा। करीब आधे घंटे तक एसडीएम ने तहसील परिसर व तहसील गेट से लेकर चैकिया मोड़ तक गजब की दबंईपूर्ण कार्रवाई की। जिसे देख हर किसी ने ऐसे अधिकारी को तालीबानी अधिकारी की संज्ञा दी। कहा कि ऐसे अधिकारी के खिलाफ आखिर शिकायत भी किससे की जाएं। उच्चाधिकारी तो 70 किलोमीटर दूर है और अपने अधिकारी का ही बचाव करेंगे मास्क न पहनने वालों के खिलाफ कार्रवाई के अभियान बहाने एसडीएम ने न सिर्फ स्वयं डंडा चलाया, बल्कि सड़क पर लोगों को अपराधी की तरह दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। चैकिया मोड़ पर तो आंशु प्रोविजन स्टोर नामक जनरल स्टोर की दुकान पर तो दुकानदार दो सगे भाई आंशु कुमार व रजत चैरसिया की दुकान से घसीटकर पिटाई कर दी। एसडीएम ने पहले तो रजत चैरसिया की पिटाई की। विरोध करने पर आंशु को जमकर लठियां दिया। पिता के भोजन हेतु घर जाने के कारण दिल्ली में पढ़ने वाले दोनों भाई अपनी दुकान पर थे। एक ने मास्क पहना था और दूसरे ने रुमाल बांध रखा था। बावजूद एसडीएम ने प्रशासनिक हनक दिखाते हुए जमकर पिटाई की। जिससे रजत के दाएं हाथ की तीन उंगली बुरी तरह से लहुलूहान हो गई। दोनों युवकों को पिटाई के बाद एसडीएम ने उभांव थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। हालांकि बाद में पुलिस ने दोनों युवकों को छोड़ दिया। इधर एसडीएम ने तहसील परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं के बस्ते पर मौजूद मुअक्किल, फरियादियों व मुहर्रिर सग बैठे लोगों को भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। जिससे प्रशासन के खिलाफ लोगों में जबरदस्त दहशत व्याप्त हो गया है। मालूम हो कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मास्क की जगह गमछा या रुमाल बांधने को सही ठहराया है। बावजूद स्थानीय प्रशासन ने रुमाल व गमछा वालों को तो पीटा ही मास्क लगाने वालों की भी जमकर पिटाई की।

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