बिल्थरारोड तहसील में आमरण अनशन पर बैठेे पूर्व मंत्री छट्ठू राम, अधिकारियों संग हुई तीखी नोंकझोंक

पूर्व मंत्री संग 12 ने शुरु की अनशन, हुआ मेडिकल जांच

बलियाः क्षेत्रीय प्रशासन के वादाखिलाफी के खिलाफ मंगलवार को बिल्थरारोड तहसील में अपने आठ सूत्रीय मांग को लेकर पूर्व मंत्री छट्ठू राम ने आमरण अनशन शुरु कर दिया। आंदोलन के पहले दिन इनके साथ करीब 11 अन्य भी शामिल हुए। इधर बिल्थरारोड तहसील पर संपूर्ण समाधान दिवस होने के बावजूद डीएम श्रीहरिप्रताप शाही व एसपी देवेंद्रनाथ नहीं पहुंचे। जिसके कारणएसडीएम संतलात व उभांव इंस्पेक्टर योगेंद्र बहादुर सिंह ने ही पहले ही आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास किया। पूर्व मंत्री छट्ठू राम ने प्रशासनिक वादाखिलाफी पर जबरदस्त नाराजगी जताई और मांग पूरा होने तक इस बार आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया। जिससे नाराज प्रशासनिक अधिकारियों ने तीखे तेवर भी दिखाएं और सभी के खिलाफ मुकदमा करने के निर्देश दिए। जिससे आंदोलनकारी भी उग्र हो गए। इस दौरान आंदोलनकारी व प्रशासनिक अमला के बीच करीब 15 मिनट तक जमकर तीखी नोंकझोंक भी हुआ। पूर्व मंत्री छट्ठू राम ने उभांव पुलिस पर समर्थकों को लठियाने व प्रताड़ितकर धमकाने का आरोप लगाया। समर्थकों ने अपने 8 सूत्रीय मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी की। इस दौरान पूर्व मंत्री छट्ठू राम के आंदोलन के समर्थन में राजेश सिंह, श्रीकांत चैहान, सुरेमन पासवान, ब्रजेश गोंड, सुग्रीव राजभर, राहुल पासवान, चंद्रभूषण तिवारी, रामइकबाल गोंड, ताराचंद्र चैहान, रामवृक्ष राजभर व गोपाल ठाकुर समेत कुल 12 लोगों ने अनशन शुरु किया।

दोपहर बाद सीयर सीएचसी इंचार्ज चिकित्सक डा. तनवीर अहमद ने चिकित्सकीय टीम के साथ आंदोलनकारी सभी अनशनरत नेताओं का मेडिकल चेकअप किया और इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी। इस दौरान अजीत राव, अरविंद गौतम, जयराम सिंह पटेल, देवेंद्र पटेल, सिकई यादव, गुड्डू अंसारी, अंबिका प्रसाद, स्वामीनाथ राजभर, राजेश शर्मा, धर्मेंद्र कन्नौजिया, राजेश शर्मा, लालबचन चैहान, संतलाल चैहान, पतिराम चैहान, रामचंद्र कुशवाहा, प्रेमचंद्र, राहुल कुशवाहा, विनोद श्रीवास्तव, उपेंद्र सिंह, राजेश चैरसिया आदि मौजूद रहे। इसके पूर्व आंदोलन हेतु पूर्व मंत्री छट्ठू राम का काफिला चैकिया मोड़ से पैदल ही तहसील के रवाना हुआ और तहसील पहुंचकर अनशन पर बैठ गए। मालूम हो कि गत 23 सितंबर को भी अपने आठ सूत्रीय मांग को लेकर पूर्व मंत्री छट्ठू राम अनशन हेतु तहसील पर पहुंचे थे किंतु प्रशासनिक अधिकारियों ने तीन दिन का समय लेकर आंदोलन स्थगित करा दिया था। बावजूद अब तक एक भी मांग पूरी करने का ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

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