कोविड से हुई पत्रकार की हुई मौत के परिजनों को दें 15 लाख सहायता राशि-डॉ. शशि कांत

पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर की श्रेणी में शामिल किए जाने पर इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने बिहार के मुख्यमंत्री को दी बधाई।

मुंगेर, बिहार। बिहार सरकार के द्वारा इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट, वेब मीडिया सहित सभी पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर की श्रेणी में शामिल किए जाने इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन बिहार इकाई ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया है। बता दें कि विगत दिनों एक के बाद एक पत्रकारों की कोरोना की चपेट में आने से हुई मौत से मर्माहत होकर इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रमंडल अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर की श्रेणी में शामिल किए जाने के साथ ही कोविड -19 से हो रही पत्रकार साथी के मौत पर पीड़ित स्वजनों को 15 लाख रुपये सहायता राशि दिए जाने की मांग की थी। इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन की मांग को गंभीरतापूर्वक लेते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी पत्रकारों को फ्रंटलाइन की श्रेणी में शामिल करते हुए कोविड-19 का टीकाकरण प्राथमिकता के साथ करने का निर्देश दिया है।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक कंवल तनुज ने सभी मीडिया संस्थानों के जिला प्रमुख, ब्यूरो प्रमुख से पत्रकारों की सूची सिविल सर्जन को उपलब्ध कराने निर्देश दिया । इस बावत इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के मुंगेर के प्रमंडल अध्यक्ष डॉ शशि कांत सुमन ने कहा कि दो मांगो में एक मांग को त्वरित रूप से स्वीकृति दिए की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कोविड 19 की चपेट में आने से पत्रकारों के हुई मौत के परिजनों को अविलंब 15 लाख रुपये सहायता दिए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जैसा कि स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी जान रहे है कि जान की बाजी लगाकर हमारे पत्रकार साथी की कोविड 19 से दुःखद मौत हो रही है। एक नही दर्जनों लोगों ने अपनों को खो दिया है।जहां उनके परिवार के ऊपर दुःख का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं आर्थिक स्थिति भी दयनीय हो गई है। इस परिस्थिति में मैं पुनः मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मार्मिक अपील है कि पत्रकारों के परिजन को अविलंब 15 लाख रुपये सहायता राशि देने के साथ उनके परिजनों को सरकारी नौकरी दिया जाए।

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