कोविड-19 से पत्रकारों की जान बचाने के लिए मुख्यमंत्री करें ठोस उपाय- डॉ. शशि कांत सुमन

कोरोना से हुई मौत पर पत्रकार के परिजनों को 50 लाख सहायता राशि दें मुख्यमंत्री-डॉ. शशि कांत सुमन

मुंगेर, बिहार। कोरोना से पत्रकार साथी की असमायिक मौत से मर्माहत इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के मुंगेर प्रमंडल अध्यक्ष डॉ. शशि कांत सुमन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कोविड-19 से मृतक पत्रकारों के स्वजनों को राजस्थान सरकार के तर्ज पर 50 लाख रुपये सहायता राशि देने की मांग की है। उन्होंने ने कहा कि राजस्थान सरकार ने 25 मार्च को आदेश पारित करते हुए ईलाज के दौरान पत्रकार की मौत होने पर उनके परिजनों को 50 लाख सहायता राशि देने का निर्णय लिया गया। राजस्थान सरकार का आदेश इस वैश्विक महामारी में पत्रकारों के परिजनों को सहायता देने का निर्णय स्वागत योग्य है। इसी तरह बिहार सरकार को भी कोविड-19 से मृतक पत्रकारों के परिजनों को सहायता राशि देने की मांग की।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पत्रकार को फ्रंट लाइन वर्कर की श्रेणी में रखा है, लेकिन पत्रकारों को जान बचाने के लिए कोई पहल नहीं की गई है। उन्होंने ने कहा कि हम रोज अपने कई पत्रकार साथियों को खो रहे हैं। अखबारों, टी वी चैनल व सोशल मीडिया की खबरें, सूचनाएं अब दहशत पैदा कर रहीं हैं। क्रूर काल के इस दौर में मन व्यथित व बेचैन है। हर एक मनहूस सूचना के बाद पीड़ा और सघन होती जा रही है, आगे क्या होगा, इसकी आशंकाएं भी सिहरन पैदा कर रही है…। कोरोना के इस भयावह दौर में किसे कोसे… पेशागत मजबूरियां, सत्ता-संस्थागत उदासीनता या फिर हमारी खुद की लापरवाहियां…वजह चाहे जो हो, खो तो रोज हम ही रहे हैं न। इस परिस्थिति में अपना वजूद बचाने के लिए पत्रकार साथियों को लड़ने की जरूरत है। हम संवेदनशील और विवेकशील होने के कारण हम अपनी रक्षा के लिए मीडिया घराने के विरुद्ध आवाज नहीं उठा पाते है। लेकिन यह कब तक होता रहेगा। इसके लिए हमें आगे बढ़ने के लिए आंदोलन का रुख अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कोरोना से हुई पत्रकार साथी के मौत पर गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अविलंब पत्रकार के परिजनों को 50 लाख सहायता राशि देने की मांग की है। अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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