मर्यादाओं का पालन कर जान के साथ जहान भी बचाना है : मुख्यमंत्री

लाकडॉउन का सूझबूझ भरा निर्णय लेकर प्रधानमंत्री ने देश को कोरोना की विकरालता से बचाया । नागरिकों की जागरूकता से उत्तर प्रदेश में एक माह में कम हुए कोरोना के 40000 एक्टिव केस । 

गोरखपुर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस प्रकार मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक और राष्ट्रीय जीवन के हर पक्ष में मर्यादाओं का आदर्श प्रस्तुत किया, आज कोरोना काल मे उसी प्रकार सरकार द्वारा तय मर्यादाओं (गाइड लाइन) का पालन कर जान भी बचाना है और जहान भी बचाना है। हमें आयोजन करने हैं और साथ ही कोरोना के संक्रमण को भी रोकना है। उन्होंने दुर्गा पूजा और दशहरा में गाइड लाइन का पालन करने के लिए दुर्गा पूजा और रामलीला समितियों की सराहना की।
मुख्यमंत्री गोरखपुर के मानसरोवर रामलीला मैदान में प्रभु श्रीराम का राजतिलक करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के चलते हज़ारों वर्षों पुरानी पर्व परंपराओं को अक्षुण्ण रखने की चुनौती थी, लेकिन नागरिकों ने मर्यादाओं में रहकर इस चुनौती का सफलतापूर्वक सामना किया।

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा समय से लिए गए लाकडॉउन के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि अमेरिका जैसा देश जहाँ कोरोना से पस्त हो गया वहीं प्रधानमंत्री ने महामारी की विकरालता को भांप कर लाकडॉउन का सूझबूझ भरा निर्णय लिया। दो माह से अधिक लाकडॉउन में संक्रमण की रफ़्तार थमी तो इस अवधि में करोड़ों लोगों के व्यवस्थित जीवन की कार्ययोजना बनाने का अवसर भी मिल गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त में राशन योजना का लाभ मिला, 12 करोड़ लोग पीएम किसान सम्मान निधि से लाभान्वित हुए, प्रदेश में 87 लाख से अधिक वृद्ध, महिला व दिव्यांगों को पेंशन के साथ पीएम द्वारा घोषित पैकेजों का फायदा मिला। वोकल फ़ॉर लोकल, आत्मनिर्भर पैकेज जैसे कदमों से प्रधानमंत्री ने 135 करोड़ जनता के जीवन को सुगम बनाया है। इसी क्रम में एमएसएमई के लिए 20 लाख करोड़ रुपये का पैकेज घोषित कर उन्होंने परम्परागत शिल्पकलाओं से जुड़े कलाकारों व कामगारों को नई संजीवनी देकर देश के हर नागरिक के जीवन मे संतुलन और स्वावलंबन लाने का सार्थक प्रयास किया है।

मुख्यमंत्री श्री योगी ने प्रदेश में नागरिकों की जागरूकता की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले एक माह में प्रदेश में कोरोना के एक्टिव केसेस में 40000 की कमी आई है। संक्रमण को समाप्त करने के लिए हमें दो गज दूरी, मास्क है जरूरी के नियम का पालन करते रहना होगा। उस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के शुभारंभ का जिक्र करते हुए कहा कि मंदिर निर्माण के लिए 492 वर्षों की लड़ाई में गोरखपुर का अटूट संबंध रहा है। कहा कि उनके दादा गुरु ब्रह्मलीन महंत दिग्विजय नाथ और गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के साथ आंदोलन में गोरखपुर के हज़ारों लोगों ने अयोध्या कूच किया था। ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ तो रामजन्म भूमि मुक्ति यज्ञ समिति के प्रणेता व अगुवा थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त 2020 को श्रीराम मंदिर के निर्माण का शुभारंभ किया है, जल्द ही अयोध्या के माध्यम से भारत की यश कीर्ति पूरे विश्व मे आलोकित होगी। मुख्यमंत्री ने अयोध्या मंदिर निर्माण को निष्काम कर्म व धैर्य का बेमिसाल उदाहरण बताते हुए नागरिकों से कोरोना से लड़ने में कर्मपथ पर चलते हुए मर्यादाओं का धैर्य दिखाने की अपील की।

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