जनसहयोग के मिसाल बने बिल्थरारोड के व्यापारी

नपं चेयरमैन की पहल पर जनसहयोग से बनने लगी अग्निपीड़ितों की दुकानें, जगी उम्मीद

बलिया: किसी भी अग्निकांड और बड़े हादसे के बाद क्षेत्रीय राजनीति के तहत मौके पर पहुंचकर घड़ियाली आंसू बहाने और सहयोग का आश्वासन देकर फोटो खिंचवाने की सस्ती लोकप्रियता की बन चुकी परंपरा के बीच बिल्थरारोड के व्यापारी नेताओं ने जनसहयोग का नया सार्थक मिसाल गढ़ा है। जिससे अग्निपीड़ित चार दुकानदारों के चेहरे की खुशी और परिवार की आर्थिक खुशहाली लौटने की उम्मीद जग गई है। नगर में गत दिनों शार्ट सर्किट से लगे भीषण आग में अपने दुकान का सारा पूंजी और सामान खो चुके चार दुकानदारों के दुकानों का निर्माण अब जनसहयोग से शुरु हो गया है।

नगरपंचायत चेयरमैन दिनेश गुप्ता की पहल और व्यापारी नेता प्रशांत कुमार मंटू ने अन्य व्यापारी नेताओं संग बैठक की और नगर के वरिष्ठ व्यापारियों ने जनसयोग से उक्त अग्निकांड प्रभावित चार दुकानों के निर्माण कराने का जिम्मा संभाल लिया है। द्वय नेताओं ने स्वयं आर्थिक पहल करते हुए निर्माण में घटने वाला सारा रकम देने का भी ऐलान किया। जिनके पहल पर जनसहयोग से सभी चारों की गुमटीनुमा दुकानों का निर्माण भी शुरु हो गया है। जिससे अग्निकांड में अपना सबकुछ पूंजी खो चुके दुकानदारों को फिर से दुकान में बैठने की उम्मीद जग गई है। नपं चेयरमैन दिनेश गुप्ता ने बताया कि अग्निकांड के शिकार चार दुकानदारों के दुकान निर्माण की जिम्मेदारी नगर के व्यापारी नेताओं ने उठाई है।

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष प्रशांत कुमार मंटू ने भी उक्त निर्णय का समर्थन करते हुए नपं चेयरमैन दिनेश गुप्ता के साथ नगर के अन्य वरिष्ठ व्यापारियों से मिलकर चंदा इकट्ठा किया। जिसके बाद निर्माण कार्य शुरु हो गया। उक्त निर्माण में व्यापारी नेता प्रशांत कुमार मंटू, वरिष्ठ कारोबारी आलोक कुमार गुप्ता, सभासद सुनील कुमार टिंकू, आदित्य नारायण, तौहिद अनवर लारी, धर्मेंद्र सोनी, विनोद जायसवाल आदि कारोबारियों का एक व्यापार मंडल नगर में भ्रमणकर लोगों से जनसहयोग जुटा रहे है। जिससे ही उक्त चारों दुकानों का निर्माण होना है।

नेता द्वय का उक्त ऐतिहासिक पहल नगर के राजनीति में किसी मील का पत्थर सा बन गया है। मालूम हो कि गत 13 अप्रैल की आधी रात नगर के मुख्य मार्ग की पटरी पर दशकों से गुमटी दुकान में व्यापार कर रहे ओमप्रकाश प्रदीप कुमार वस्त्रालय, शुभम वस्त्रालय, रामानंद गुप्ता के होजरी व कपड़ा दुकान एवं भागेश्वर मौर्या की सब्जी दुकान की गुमटी विद्युत शार्ट सर्किट से जलकर पूरी तरह से स्वाहा हो गई थी। अग्निकांड में करीब 25 लाख के सामान जलकर राख हो गए थे। जिसके बाद सभी उक्त दुकानदारों के समक्ष भूखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।

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