आरटीआई कार्यकर्ता बन बलिया में गंभीर बीमारी से पीड़ित लड़ रहा गरीबों की जंग

बढ़ते भ्रष्टाचार व सामाजिक विसंगतियों से लड़ना मुश्किल!

बलियाः जिस गंभीर बीमारी का नाम सुनने मात्र से ही लोग अपने जीने की आस छोड़ बैठते है, सामाजिक उपेक्षा व भेदभाव के इंसानी रवैये के आगे हर अरमानों का दम घूंट जाता है। बावजूद स्वयं को परिवार समेत संभालने और बच्चों की परवरिश संग सामाजिक विसंगति के ढांचे के खिलाफ चट्टान की तरह खड़ा होना किसी विरलय का ही काम है। गंभीर बीमारी से लड़ कर स्वयं को संभालना, परिजनों को सामाजिक मजबूती दिलाना और फिर दूसरों के न्याय के लिए संघर्ष करना। यह सब एकसाथ करते है सिंहासन चैहान। इसके लिए हथियार बना लिया सूचना के अधिकार को। जनपद बलिया में आरटीआई कार्यकर्ता के रुप में चर्चित जनपद के बिल्थरारोड तहसील के शाहपुर टिटिहा ग्राम निवासी सिंहासन चैहान अब तक दर्जनों लोगों को न्याय दिलाने में चट्टान की तरह मजबूती से खड़े रहे है। जीवन के करीब 56 बसंत देख चुके सिंहासन चैहान पिछले 11 वर्ष से गंभीर बीमारी से पीड़ित है। पत्नी समेत गंभीर बीमारी से पीड़ित होने की जानकारी होने के बावजूद जिसने स्वयं को तो संभाला ही। अपनी पत्नी समेत परिवार के परवरिश में रत्तीभर कमी नहीं आने दिया। साथ ही सामाजिक दकियानुशी विचारों से टकराते हुए आरटीआई कार्यकर्ता के रुप में स्वयं स्थापित भी किया। गांव के सामंती लोगों समेत अनेक लोगों से खुलकर टकराव भी हुआ। पुलिस प्रशासन से लगायत परिवार व गांव तक विरोध में खड़े रहे किंतु जीने के हौसले को कभी नहीं छोड़ा। तीन बच्चों की परवरिश व उनके उच्च शिक्षा के प्रति लगातार प्रयासरत है। विभिन्न विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार, अधिकारियों व पुलिस प्रशासन से पीड़ित दूसरों की भी आवाज बनने से पीछे नहीं हटते। आरटीआई व आईजीआरएस के माध्यम से अब तक सैकड़ों लोगों की आवाज सही कार्यालय तक पहुंचाकर न्याय भी दिलाया।
कमाने गए दुबई तो साथ ले आएं गंभीर बीमारी 
सिंहासन चैहान बतौर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के रुप में दुबई कमाने गए और सन 1995 से 2010 तक 15 वर्ष वहीं काम किया। इसी दौरान वे गलत संगत के कारण गंभीर बीमारी से पीड़ित हुए। तबियत बिगड़ी तो स्वदेश आएं और जांच में इसका खुलासा होते ही पूरा परिवार सकते में आ गया। पति-पत्नी दोनों के पाॅजीटिव होने के बावजूद सिंहासन ने जीवन से हार नहीं मानी और अपने दो पुत्रों को बीटेक और पुत्री को बीसीए कराया। आज भी सभी परिजन एकसाथ रहते है। जिनके जीवट का हर कोई मिसाल देता है।
दस वर्ष पूर्व किशोरी के अपहरण और हत्या मामले में न्याय दिलाने के लिए कर रहे संघर्ष
भीमपुरा थाना के सबदलपुर शाहपुर टिटिहा निवासी एक नाबालिक किशोरी के अपहरण और हत्या किए जाने के बाद शव गायब कर देने के मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की जंग भी सिंहासन लड़ रहे है। न्याय दिलाने के लिए सिंहासन चैहान ने कई बार संबंधित थाना, बलिया एसपी और आईजीआरएस पर शिकायत भी दर्ज करा चुके है। जिसके कारण न्यायालय के निर्देश पर 2019 में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया किंतु अब तक पुलिस मामले में कार्रवाई नहीं कर सकी। जिसके लिए वे लगातार प्रयासरत है। एक जनवरी 2022 को भी वे इस संदर्भ में संपूर्ण समाधान दिवस पर बिल्थरारोड तहसील में सीडीओ को लिखित शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई। मामले में सीओ रसड़ा ने कार्रवाई का भरोसा भी दिया।
अब तक 50 आईजीआरएस और 100 पीजी पोर्टल पर कर चुके है शिकायत
क्षेत्र के विभिन्न विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार और लोगों को न्याय दिलाने के लिए वे जनहित में अब तक आईजीआरएस पर अब तक 50 शिकायत कर चुके है। वहीं केंद्रीय मंत्रालय के लोकशिकायत पीजी पोर्टल पर भी सौ से अधिक शिकायत कर कार्रवाई करा चुके है। इनमें अधिकांश बैंकों में व्याप्त भ्रष्टाचार, आवास आवंटन में गड़बड़ी, पासपोर्ट के नाम पर अवैध वसूली समेत अनेक मामलों में वे पीड़ित को न्याय दिलाने मेें सफल रहे है।
जनहित के संघर्ष में लगे आरोप तो 69 दिन की हुई जेल
जनहित में दूसरों के मामलों का संघर्ष करने से चीढ़कर विरोधियों ने साजिश रचा तो छेड़खानी के आरोप भी लग गए। मामला 2019 का है। इस आरोप के बावजूद सिंहासन चैहान की पत्नी ने पूरा साथ दिया और 69 दिन के बाद उन्हें जमानत मिली तो वे बाहर आकर फिर से दूसरों के लिए इंसाफ की लड़ाई को जारी रखा।

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