बलिया के डाक्टर को पूर्व मंत्री के नाम से मिली जान से मारने की धमकी

फोन कर डाक्टर को दी गई गालियां, उभांव थाना में मुकदमा दर्ज

बलियाः जनपद बलिया के बेल्थरारोड सीयर सीएचसी के वरिष्ठ चिकित्सक डा. साजिद हुसैन को बिहार के पूर्व मंत्री श्याम रजक के नाम से सोमवार को फोनकर जान से मारने की धमकी दी गई है। जिसके बाद अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों में हड़कंप मच गया। मामले की सूचना तत्काल स्वास्थ्य महकमा के उच्चाधिकारियों और जिला पुलिस प्रशासन को भी दी गई। एसडीएम राजेश गुप्ता ने स्वयं अस्पताल में पहुंचकर पीड़ित चिकित्सक डा. साजिद से पूरी जानकारी ली। अस्पताल अधीक्षक डा. तनवीर आजम ने बताया कि रविवार से ही किसी अज्ञात मोबाइल फोन से राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर मनमाना कार्य कराने के लिए दबाव दिया जा रहा है। जिससे वे भी काफी तनाव में है। पीड़ित डा. साजिद हुसैन ने बताया कि रविवार दोपहर वे ड्यूटी पर थे। बावजूद कोई स्वयं को बड़ा मंत्री बताकर फोन पर उल्टा सीधा बोलता रहा। जो फरसाटार के एक व्यक्ति का इलाज कराने के लिए पैरवी कर रहे थे। बाद में फरसाटार के गुड्डू कन्नौजिया ने अस्पताल में पहुंचकर दबंगई करने लगा और जान से मरवाने की धमकी दी और राजनीतिक पहुंच की पैरवी के आधार पर इलाज दबाव दिया जाने लगा। जबकि चिकित्सक उस समय इमरजेंसी के तहत मारपीट के घायल तीन युवकों का इलाज कर रहे थे। अस्पताल में मौजूद होने के बावजूद शिकायत के आधार पर बलिया सीएमओ कार्यालय, जिलाधिकारी और सीएमएस कार्यालय से अधीक्षक को फोन आया कि अस्पताल में कोई डाक्टर ही नहीं है। सोमवार को फिर से उनके मोबाइल नंबर पर फोन आया और स्वयं को बिहार का पूर्व मंत्री श्याम रजक बताकर उसने डाक्टर को जमकर गाली दी और परिवार समेत हत्या करने की धमकी दिया। जिसके बाद अस्पताल के सभी डाक्टरों के कान खड़े हो गए। तत्काल मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई। सोमवार की शाम मामले को लेकर पीड़ित डा. साजिद हुसैन ने उभांव थाना पुलिस को लिखित तहरीर दे दिया है।

किसके लिए मिल रही धमकी, बना रहस्य
– सीयर सीएचसी के अधीक्षक डा. तनवीर आजम और चिकित्सक डा. साजिद हुसैनन को जिस व्यक्ति के इलाज के लिए बार बार फोन आ रहा था, उसकी पहचान और बीमारी का बहाना एक रहस्य बना हुआ है। चिकित्सकों के अनुसार अमरेश कन्नौजिया 45 वर्ष ग्राम फरसाटार निवासी को रविवार दोपहर पेट में दर्द और घबराहट होने की शिकायत पर इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। जिसे उसकी बहन लेकर इलाज कराने आई थी किंतु उसके सामान्य इलाज के लिए अनेक फोन आएं। साथ ही राजनीतिक रसूक का हवाला देकर अमरेश को अस्पताल में चार दिन तक बेड रेस्ट के नाम पर जबरन भर्ती करने का भी दबाव दिया गया। मरीज के साथ आएं कई लोगों ने अस्पताल में डाक्टरों के साथ जमकर बकझक भी किया। लेकिन उस व्यक्ति का जबरन क्यूं और किन हालात में इलाज करवाया जा रहा था। यह रहस्य बना हुआ है।

धमकी और तनाव के कारण डाक्टरो ंने मोबाइल किया स्वीच आफ
– लगातार आ रहे धमकी भरे काॅल से परेशान होकर पिछले 24 घंटे से अस्पताल अधीक्षक डा. तनवीर आजम और डा. साजिद हुसैन ने अपना मोबाइल स्वीच आफ कर लिया। इधर अनहोनी की आशंका पर चिकित्सकों के परिजनों में भी खलबली मच गई। अस्पताल पर डाक्टर के परिजन और रिश्तेदार भी पहुंच गए। सभी ने तनावग्रस्त चिकित्सक को हौसला दिया।

डाक्टर, इंस्पेक्टर, सीडीओ से लेकर कमिश्नर तक से होती रही है पैरवी
– जिस मोबाइल नंबर और रसूक का हवाला देकर डाक्टर साजिद हुसैन को जान से मारने की धमकी दी गई। उसी नंबर से बिहार के पूर्व मंत्री होने का धौंस देकर बलिया में कई डाक्टर, इंस्पेक्टर, सीडीओ से लेकर कमिश्नर तक से पैरवी किया जाता रहा है। एसडीएम राजेश गुप्ता ने भी बताया कि कई बार राजनीतिक रसूक के दम पर काम कराने का दबाव बनाया गया है किंतु वे अपने हिसाब से कार्य करते रहे है। बताया जा रहा है कि बलिया सीडीओ को भी कई बार इसी नंबर से हड़काया जा चुका है।

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