बलिया के आरोपी सप्लाई इंस्पेक्टर की आजमगढ़ जेल में मौत पर पसरा सन्नाटा

बिना अपराध साबित हुए जेल में दम तोड़ गए कमल, सरयू तट पर परिजनों ने की अंत्येष्टि - विभागीय प्रताड़ना का परिजन लगा रहे आरोप, जेल भी गए और पेंशन भी बंद .

बलिया: गबन के आरोप में आजमगढ़ जेल में बंद विचाराधीन कैदी एवं बलिया जनपद के उभांव थाना अंतर्गत बांसपार बहोरवां गांव निवासी सेवानिवृत सप्लाई इंस्पेक्टर कमल राम की आजमगढ़ अस्पताल में इलाज के दौरान 25 जनवरी रात अचानक इलाज के दौरान मौत हो गई। वे 70 वर्ष के थे। जिनका बुधवार को उनके पैतृक गांव के तुर्तीपार में सरयू नदी के तट पर अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के ज्येष्ठ पुत्र सुशील कुमार ने बताया कि सप्लाई इंस्पेक्टर रहे उनके पिता कमल राम 2018 से करीब 96 लाख के राशन गबन के आरोप में आजमगढ़ जेल में थे। जिन पर अब तक न्यायालय द्वारा सजा तय नहीं किया गया था किंतु मुकदमा चल रहा था। जेल में तबियत बिगड़ने पर उन्हें आजमगढ़ जेल प्रशासन ने 22 जनवरी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था।

सूचना पर मां रामरती देवी एवं पुत्र विजय और पुत्रवधू शैल देवी 23 जनवरी को ही आजमगढ़ अस्पताल पहुंचे। जहां कमल राम की स्थिति काफी दयनीय थी। तीन दिन में अस्पताल में पिता से एक शब्द बात तक नहीं हो सका और वे सिर्फ सभी को देख रोते रहे। जिनकी 26 जनवरी की शाम अचानक मौत हो गया। कमला के ज्येष्ठ पुत्र सुशील कुमार ने मुखाग्नि देने के बाद जागरण को बताया कि उनके पिता पर करीब 94 लाख के गबन के आरोप अब तक पुष्टी नहीं हो सका है। बावजूद विभाग पेंशन रोककर रिकवरी कराता रहा और उनके पिता को जेल भी हो गई। न्यायालय से भी अब तक अपराध न तो सिद्ध हुआ और न ही उन्हें सजा तय हो सकी है। बावजूद उनके पिता अपने सेवाकाल के प्रतिफल में सिर्फ बदनामी ही झेलते रहे। जिसके खिलाफ वे अपील करेंगे। परिजनों में विभाग के प्रति जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है।

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