बिल्थरारोड सहकारी ग्राम विकास बैंक चुनाव में सभी पर्चे वैध

मतदाता सूची में अनेक त्रुटि, मतदान 1 सितंबर को

बलियाः जनपद के उ.प्र. सहकारी ग्राम विकास बैक शाखा बिल्थरारोड के शाखा अध्यक्ष के चुनाव हेतु दाखिल किए गए सभी पर्चें गुरुवार को वैध घोषित किए गए। इस दौरान आपत्ति निस्तारण को लेकर निर्वाचन अधिकारियों में जबरदस्त तनाव की स्थिति बनी रही। दोपहर बाद करीब तीन बजे निर्वाचन अधिकारी मथुरा राम ने उक्त पद के लिए दाखिल सभी चार पर्चों को सही करार दिया। जबकि निवर्तमान अध्यक्ष व प्रत्याशी इंद्रप्रताप सिंह ने भाजपा समर्थित उम्मीदवार दयानंद के दाखिल पर्चे को लेकर आपत्ति दाखिल किया था। जिसे निस्तारण करने को लेकर दोपहर बाद तक निर्वाचन अधिकारियों में ऊहापोह की स्थिति बनी रही। निर्वाचन अधिकारी मथुरा राम ने बताया कि उच्चाधिकारियों से वार्ता एवं निर्वाचन नियमावली के अनुसार इंद्रप्रताप सिंह, भाजपा समर्थित दयानंद, राजेंद्र प्रताप सिंह व अंजू सिंह के सभी पर्चे वैध है। बताया कि शु़क्रवार को नाम वापसी एवं देर शाम में चुनाव चिंह आवंटन होगा। जबकि आगामी 1 सितंबर को नामांकन होगा। 1570 वोटरों की मतदाता सूची में बकायेदार होने के कारण 124 वोटर मतदान के लिए अयोग्य घोषित है। जिसके कारण कुल 1446 वोटर उक्त चुनाव में मतदान करेंगे। जिसकी तैयारी तेज हो गई है। हालंाकि मतदाता सूची में अनेक त्रुटि बताई जा रही है।

बलिया सहकारी बैंक अध्यक्ष के चुनाव मुर्दे भी डालेंगे वोट!

निर्वाचन नियमावली के तहत उ.प्र. सहकारी ग्राम विकास बैंक के अध्यक्ष हेतु हो रहे चुनाव के तहत बिल्थरारोड शाखा संबंधित मतदाता सूची में अनेक त्रुटि है। जिसकी जानकारी होने के बावजूद चुनाव अधिकारी उक्त त्रुटिपूर्ण मतदाता सूची से ही चुनाव करने पर आमदा है। जिसमें दर्जनों मृतकों के नाम शामिल है। जिसे लेकर संबंिधत चुनाव अधिकारी के पास किसी तरह की पुख्ता जानकारी तक उपलब्ध नहीं है। यही कारण है कि नामांकन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद भी गुरुवार की देर शाम तक मतदान हेतु अंतिम मतदाता सूची तक का प्रकाशन नहीं हो सका है और चुनाव कराने की तैयारी अंतिम चरण में है। जिसके कारण इस बार उक्त चुनाव में मृतकों को भी वोट डालने का अधिकार हो जायेगा। चुनाव अधिकारी मथुरा राम ने बताया कि उन्हें मिली मतदाता सूची में मृतकों के नाम को लेकर बैंक की तरफ से कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। जिसके कारण इस संदर्भ में दिए गए एक दूसरे आपत्ति का अब तक निस्तारण तक नहीं किया जा सका है।

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