बलिया में सरयू की धार में धाराशाई हुए तुर्तीपार के 30 घर, बहाटपुर बना टापू

बलियाः 22 साल बाद सरयू का तांडव जारी है। बिल्थरारोड के तटवर्ती इलाकों में सरयू के बढ़ाव से करीब 40 गांव व टोले प्रभावित है। इनमें अकेले तुर्तीपार ग्रामपंचायत के विभिन्न टोलों में करीब 30 कच्चे मकान पूरी तरह से धाराशाई हो गए। जबक बहाटपुर, महरोडीह, चंदनपट्टी, धरहरा आदि टोला पूरी तरह से टापू बना हुआ है। जिससे तटवर्ती इलाकों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। नदी का पानी घुसने एवं जलजमाव के कारण तुर्तीपार के अटवां, इंद्र्रानगर, मुजौना व तुर्तीपार के विभिन्न टोला में करीब ढाई दर्जन गरीबों के कच्चे रिहायशी मकान गिर गए। जिससे पानी से घिरे लोग पूरी तरह से बेघर हो गए है। गांव के प्रधान आलोक सिंह ने बताया कि ब्लाक की तरफ से बाढ़ग्रस्त गांव तुर्तीपार के सर्वें में अब तक अटवां में राजनाथ राजभर, हरिद्धार राजभर, रामअवध राजभर, कनहेया राजभर, तुर्तीपार में आशा यादव, सुमित्रा साहनी, निर्मला साहनी, टुनटुन प्रसाद, प्रभावती साहनी, जोगिंद्र राजभर, दीनानाथ राजभर एवं मुजौना गांव में राजकुमार राजभर, हरिशंकर राजभर, लालपरिखा राजभर, मदन राजभर, कलावती राजभर, भोला राजभर, मरछ राजभर, तारा राजभर, जालिम राजभर, भगेश्वरी देवी, रम्भा राजभर, कुंती देवी, आरती देवी, अखिलेा गोंड, कुसुम व ऊषा देवी आदि का कच्चा रिहायशी घर गिर गया है। जिसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। प्रधान आलोक सिंह ने बाढ़ पीड़ितों को जिला प्रशासन व सरकार द्वारा तत्काल राहत सामग्री देने एवं आवास की व्यवस्था हेतु संबंधित योजना के तहत चयन करने की मांग की है।

खतरा निशान से ऊपर बह रही सरयू

बलियाः सरयू के जलस्तर में मंगलवार को भी उतार चढ़ाव का क्रम जारी रहा। पिछले दो दिनों में नदी के जलस्तर में 22 सेंटीमीटर का घटाव दर्ज किया गया है। केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों के अनुसार तुर्तीपार डीएसपी हेड पर नदी का जलस्तर मंगलवार दोपहर 4 बजे तक 64.780 मी. दर्ज किया गया। जो खतरा निशान 64.01 मीटर से 77 सेंमी ऊपर है।

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