17 पिछड़ी जातियों को मिले अनुसूचित जाति का लाभ

बलियाः यूपी मत्स्यजीवी सहकारी संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं सपा नेता रमेशचंद्र साहनी ने कहा कि पिछड़ी जाति 17 जातियों को अनुसूचित जाति का लाभ देने हेतु सपा सरकार से ही प्रस्ताव लंबित है। जबकि सपा सरकार ने अपनी स्वीकृति देते हुए इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी थी। बावजूद वर्तमान सरकार उक्त जातियों के विकास को लेकर आरक्षण का लाभ देने के प्रति गंभीर नहीं है। कहा कि उत्तर प्रदेश अनूसुचित जाति की सूची के क्रम सं. 18 पर बेलदार के साथ बिंद, क्रमांक सं. 36 पर गोंड के साथ गोड़िया, कश्यप, कहार, बाथम, क्रम सं. 53 पर मझवार के साथ मल्लाह, केवट, मांझी, निषाद, मछुआ, क्रम सं. 59 पर पासी, तारमाली के साथ भर, राजभर, क्रम सं. 65 पर शिल्पकार के साथ कुम्हार, प्रजापति, क्रम सं. 66 पर तुरैहा के साथ तुरहा, धीवर, धीमरर की पर्यायवाची उपजातियों को परिभाषित किया गया। जिन्हें तत्कालीन अखिलेश सरकार द्वारा प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश भी दिया था और केंद्र सरकार को भी सूचित कर दिया था। बावजूद उक्त जातियों को अनुसूचित जाति का लाभ देने को लेकर केंद्र व वर्तमान प्रदेश सरकार गंभीर नहीं है।

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